अब इंसान खामोश रहते हैं और दीवारें बोलती हैं... अब इंसान खामोश रहते हैं और दीवारें बोलती हैं...
कहने लगा सारे घर का काम याद रहता है तुझे बस मेरा ही नहीं. कहने लगा सारे घर का काम याद रहता है तुझे बस मेरा ही नहीं.
लेखक: विक्टर द्रागून्स्की अनुवाद: आ. चारुमति रामदास लेखक: विक्टर द्रागून्स्की अनुवाद: आ. चारुमति रामदास
अनुरागी अर्जुन और आत्मा रूपी कृष्ण के लिए तो यह आरम्भ का प्रथम कदम है। अनुरागी अर्जुन और आत्मा रूपी कृष्ण के लिए तो यह आरम्भ का प्रथम कदम है।
सच में आज और अगले हर दिन उस ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते हैं। सच में आज और अगले हर दिन उस ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते हैं।
तू ही गीतों की सरगम तू ही है गीत मेरा दिल को जो आ गया पसन्द वही मनमीत मेरा। तू ही गीतों की सरगम तू ही है गीत मेरा दिल को जो आ गया पसन्द वही मनमीत मेरा।